दिव्य विचार: किस्मत का साथ चाहिए तो मेहनत करो- मुनिश्री चन्द्रप्रभ जी महाराज

दिव्य विचार: किस्मत का साथ चाहिए तो मेहनत करो- मुनिश्री चन्द्रप्रभ जी महाराज

मुनिश्री चन्द्रप्रभ महाराज जी कहते हैं कि मैं उस तकदीर में विश्वास करता हूँ जिसे पाने के लिए व्यक्ति मेहनत करे। किस्मत उसी को परिणाम देती है जिसने मेहनत की हो। आप देखिए, चिड़िया को चार दाने पाने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है। दुनिया में एक कोई चीज मुफ्त नहीं मिलती। कुनकुने प्रयासों से काम न होगा। असफलता का मूल कारण आधे-अधूरे प्रयास हैं। जो लोग अपनी पूर्ण जीवन-शक्ति नहीं लगा पाते, वे असफल हो जाते हैं। पन्द्रह प्रतिशत जीवन-शक्ति का उपयोग करने वाले विफल होते हैं। हर व्यक्ति को अपनी सम्पूर्ण ऊर्जा प्रत्येक लक्ष्य के लिए लगानी पड़ेगी। यदि तुम विद्यार्थी हो तो पढ़ाई में अपनी पूरी ऊर्जा लगा दो। तुम अवश्य ही प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होगे। तुम्हें सालभर मिला है पढ़ने के लिए, फिर केवल परीक्षा के दिनों में अपनी रातें क्यों खराब करते हो ? पूरी मेहनत करो, परीक्षा तो तुम्हारे लिए कसौटी है यह जानने की कि तुमने क्या और कितनी पढ़ाई की ? आप अपने-अपने कार्य-क्षेत्र का चयन कर लें। फिर उसमें तन-मन से लग जाएँ। आप जिसे भी चुनें, उसमें अपनी रवानगी, जोश इच्छाशक्ति को लगाकर तन्मय हो जायें। जो भी क्षेत्र हो साधना, शिक्षा, चिकित्सा, वकालत, वैज्ञानिक, व्यापार, नौकरी या अन्य, जब तक अपने क्षेत्र में सफल न हो जायें तब तक विश्राम न लें। आपका लक्ष्य प्रतिपल आपके सामने रहना चाहिए। इतना ही नहीं, अपना आदर्श भी ऊँचा रखें ताकि आप आगे बढ़ते रह सकें। आप जो कार्य कर रहे हैं, उसे सुधारते रहने का भी प्रयास कीजिये। निरन्तर सुधार करते रहना उस कार्य को श्रेष्ठ बनाने का तरीका है। जीवन भर विद्यार्थी बनकर रहें ताकि ज्ञान-प्राप्ति के द्वार निरन्तर खुले रहें। असफलता से निराश न हों बल्कि असफलता से प्रेरणा लेकर दुगने उत्साह से अपने कार्य में जुट जायें। लक्ष्य को पाने के लिए अंतिम श्वास तक प्रयास करें। हम यह भी देखें कि किस्मत आखिर कब तक हमारा साथ नहीं देगी या वह कब हमारा साथ निभायेगी ? जो सफलता पाने के लिए उद्यम करता है, सफलता के लिए सन्नद्ध होता है, प्रयत्नशील होता है सफलता उसका वरण करती है।